सीएमपीडीआई वेबसाइट पर आपका स्वागत है


           सीआईएल मेल           
हमे फेसबूक पर पसंद करे टिवीटर पर फॉलो करना
ऑनलाइन भर्ती
ऑनलाइन भर्ती


अस्वीकृति

जियोमेटिक्स



Geomatics


जियामेटिक्स डिवीजन समेकित प्राकृतिक संसाधन सर्वेक्षण और प्रबन्धन के लिए सुदूर संवेदन, जी आई एस, जी पी एस, डिजीटल फोटोग्रामेट्री, लिडार, स्थलीय और खान सर्वेक्षण के लिए एक कोर मल्टी-डिसिप्लीनरी ग्रुप (कोर बहु अनुशासनिक दल) बनाता है। जियोमेटिक्स विभाग के पास एयरबोर्न (वायुवाहित) और सेटेलाईट डाटा की प्रोसेसिंग, जी आई एस, सर्वेईंग, फोटोग्रामेट्री, जियोलाजी, सिविल इंजीनियरिंग, कम्पयूटर साईंस और डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग के क्षेत्र में गहरा और व्यापक अनुभव वाले बहु अनुशासनिक टीम का एक प्रोफेशनल ग्रुप है।


सी एम पी डी आई स्लोप स्टेबिलिटी (ढलान स्थायित्वता), ग्राउण्ड सबसिडेंस मेजरमेन्ट, कोल माइन फायर मैपिंग, पर्यावरण प्रबन्धन, भूमि पुनरूद्धार तथा माइन क्लोजर मॉनिटरिंग के लिए टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण, खनिज गवेषण, भू उपयोग की आयोजना, वाटर शेड प्रबन्धन, एक्सकेवेशन मेजरमेन्ट से प्री-माइनिंग, सिन माइनिंग और पोस्ट माइनिंग रेजिंग जैसे खनन के सभी तीनों चरणों में जियोस्पासियल टेक्नोलाजी का व्यापक रूप से प्रयोग करता है। खनिज क्षेत्र के अलावे, सी एम पी डी आई इस प्रौद्योगिकी का प्रयोग सम्भावित पिट हेड तथा तटीय विद्युत संयंत्र स्थलों, जलाशय के सिलटेशन, सोडिक भूमि के मानचित्रण और अन्यों के बीच तटीय क्षेत्र प्रबन्धन का पता लगाने के लिए करता है।


खनन क्षेत्र में जियोस्पासियल टेक्नोलाजी का बेहतर उपयोग करने के लिए कोल इण्डिया/ सी एम पी डी आई को खनन में जियोस्पासियल प्रौद्योगिकी के प्रयोग के लिए अम्स्टर्डम, नीदरलैण्ड में जियोस्पासियल वर्ल्ड एक्सीलेंस अवार्ड 2012 प्रदान किया गया।

उपलब्ध सुविधाएं

जियोमेटिक्स डिवीजन वर्क स्टेशन-स्कैनर, प्लाटर्स प्रिंटर और अन्य बैक-अप डिवाइसों जैसे सभी आवश्यक पेरिफेरल के साथ डाटा इनपुट, विश्लेषण, डिजाइन और डिस्प्ले के लिए नेटवर्क इनवायरमेंट में अधुनातन (अद्यतन) हार्डवेयर और साफ्टवेयर सुविधाओं से लैस है। संस्थान में (सेट अप में) निम्नलिखित शामिल हैं-

  • सेटेलाइट डाटा प्रोसेसिंगः
    • ई आर डी ए एस इमेजिन 9.3,
    • पी सी आई जियोमेटिका वी 10.1
  • जी आई एसः
    • आर्क इंफो 9.3,
    • मैप इंफो प्रोफेशनल,
    • आटो कैड मैप,
    • डिजीटल फोटोग्रामेटरी,
    • लेईका एल पी एस सूट
  • जी पी एसः
    • टापकान जी आर 3 (ड्यूअल फ्रीक्वेंसी डी जी पी एस),
    • लेईका जी एस 5,
    • एस/डब्ल्यू टापकान टूल्स वी 7.2
  • ई टी एसः
    • लेईका-टीसीआरए 1102,
    • टीसीआर 1103,
    • स्पेक्ट्रा प्रीसिजन फोकस 10,
    • एस/ डब्लू लिस्कैड 9.3
  • टेरेस्टेरियल लिडारः
    • आर आई ई जी एल एलएमएस- जेड 420,
    • एस डब्लू रिस्कैन प्रो, साइक्लोन 6.0.3
  • जाइरोस्कोपः
    • डी एम टी गइरोमैट- 3000
  • डाटा कनवर्सनः
    • लार्ज फारमेट स्कैनर डिजीटाइजर,
    • कैडडी साफ्टवेयर एवं रास्टर टू वेक्टर कनवर्सन साफ्टवेयर
  • अन्य सहायक सुविधाएं:
    • एच पी डिजाइनजेट 4500 पीएस एवं टी 770 कलर प्लाटर,
    • लेजरजेट 4550 कलर प्रिंटर
    • और अन्य काट्र्रोग्राफिक उपकरण
GR-3_Base_Rover_2 TS09_FlexLine_pic_180x280
GPS-GR3 ETS-TCA1102
TLS_2 ETS-TCA1102
RIEGL LMS-Z420i GYROMAT-3000

प्रदत्त सेवाएं:

सी एम पी डी आई अपनी जियोमेटिक्स सेवाओं में उत्खनन मेजरमेंट, भूमि पुनरूद्धार मॉनिटरिंग, इरोजन और सिलटेशेन, कोयला खान की आग और धॅसान मेजरमेंट के लिए ट्रोपोग्राफिकल सर्वेक्षण, खनिज गवेषण, पर्यावरणिक प्रबन्धन आयोजन से लेकर प्री-माइनिंग और पोस्ट माइनिंग के सभी तीनों स्तरों की सेवाएं प्रदान करता है।

 


सर्वेइंग

विभिन्न ग्राहकों के लिए लार्ज स्केल टोपोग्राफिकल, काडास्ट्रल, इण्डस्ट्रीयल सर्वेक्षण किए गए। विस्तृत गवेषण, खान आयोजन और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए सुदूर संवेदन तकनीक पर आधारित 2 मी. कंटूर सहित 1:5000 स्केल पर 27 मुख्य कोयला क्षेत्रों का टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर हैः-
-जाइरोमेट-3000 का प्रयोग कर सेन्टर लाइन अलाइनमेंट
-जी पी एस सर्वेक्षण
-लिडार सर्वेक्षण
-भूमिगत सह-सम्बन्ध सर्वेक्षण

 

24


लार्ज स्केल टोपोग्राफिकल मैप

खनिज

सर्वेक्षण विस्तृत गवेषण आयोजन के लिए हाइपर स्पेक्ट्रल सेटेलाइट डाटा का उपयोग कर सम्भावित कोयला/ खनिज वाले कोयला क्षेत्र का पता लगाने के लिए क्षेत्रीय भूवैज्ञानिक और संरचनात्मक मानचित्रण किया गया

 

Ib_Geostruc

ईव घाटी कोयला क्षेत्र के एन डब्ल्यू भाग में कोयला वाले क्षेत्र की

भू-उपयोग मानचित्रण

टेम्पोरल सेटेलाइट डाटा के विश्लेषण द्वारा भूमि पर्यावरण पर खनन और सम्बद्ध औद्योगिकीकरण के प्रभाव का आकलन करने तथा जियो इनवायरमेंटल डाटाबेस सृजन हेतु कोयला क्षेत्रों का भू-उपयोग/ वनस्पति आच्छादन मानचित्रण किया गया।

 

singclass05

सेटेलाइट डाटा पर आधारित सिंगरौली कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/वेजीटेशन आच्छादन मानचित्रण

भूमि पुनरूद्धार मानीटरिंग

 

पर्यावरण संरक्षण के लिए रिमीडियल मेजर्स, यदि जरूरत हो, शुरू करने के लिए तथा खान की जमीन के पुनरूद्धार की प्रभावी स्थिति का आकलन करने के लिए कोल इण्डिया की सभी खुली खदान खानों को भूमि पुनरूद्धार हेतु सेटेलाइट सर्वेलिएंट वार्षिक आधार पर किया गया। .


वर्ष 2010 एवं 2011 में पिपरवार अशोका खुली खदान में भूमि पुनरूद्धार

वाटर शेड प्रबन्धन

विभिन्न कोयला क्षेत्रों और देश के अन्य भागों में संभावित भू जल क्षेत्र का पता लगाने के लिए सेटेलाइट आकड़ा पर आधारित हाइड्रोजियोमार्फिक मानचित्रण किया गया। जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग के लिए वाटरशेड प्रबन्धन अध्ययन। जल संसाधन सर्वेक्षण और हाइड्रोलाजिकल अध्ययन।

जल संसाधन सर्वेक्षण और हाइड्रोलाजिकल अध्ययन।

 

26
सेटेलाइट आकड़ा के आधार पर कर्णपुरा कोयला क्षेत्र में संभावित भू-जल क्षेत्र का मानचित्रण।

 

.

रिजर्वर सेडीमेंटशन असेसमेंट

स्पेस प्लेटफार्म से प्राप्त आकड़ा जलाशय क्षमता आकलन सर्वेक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। सेटेलाइट रिमोट सेंसिंग हाल ही में शीघ्रता, निरंतरता और मितव्ययिता है, से रिजरवायर कैपेसिटी सर्वेक्षण, सम्पन्न करने के लिए एक महत्वपूर्ण टूल (उपकरण) के रूप में उभरा है। सी एम पी डी आई ने विभिन्न समयावधि में सिंगरौली कोयला क्षेत्र के निकट गोविंद बल्लभ पंत सागर में सेडिमेन्टेशन का असेसमेंट किया है।

 

 

GeoMatics Land Reclamation
जी बी पी जलाशय में सिल्टेशन (तलछट) का निर्धारण।

कोयला खान अग्नि मानचित्र

एयर बार्न थर्मल स्कैनर डाटा का उपयोग कर कोयला खान अग्नि का मानचित्रण के लिए मेथोडालाजी का विकास एन आर एस सी हैदराबाद के सहयोग से सी एम पी डी आई द्वारा वर्ष 1992 में पहली बार किया गया। एस्टेर (एएसटीईआर) थर्मल बैंड डाटा का उपयोग कर झरिया, रानीगंज, बोकारो तथा कर्णपुरा कोयलाक्षेत्रों का वार्षिक आधार पर कोयला खान अग्नि मानचित्रण किया जा रहा है तथा फायर डायनेमिक को मानीटर करने के लिए अग्नि प्रबन्धन सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) का विकास किया गया है।

21
नार्थ तिसरा झरिया कोयला क्षेत्र में खान अग्नि को दर्शाता हुआ मानचित्रण।

सोडिक भूमि मानचित्रण

 

 

 

 

 

 

 

देश में लगभग 2.04 मिलियन हेक्टेयर भूमि स्वायल सालिनिटी/अल्कालिनिटी से प्रभावित है। रासायनिक उर्वरकों के उपयोग और कैनाल से सिंचाई के कारण स्वायल साल्ट्स सतह पर जमा हो जाते हैं और भूमि को अनुर्वर (बंजर) बना देते हैं। सी एम पी डी आई यू पी भूमि सुधार निगम लि. के लिए हाई रिजोल्यूशन सेटेलाइट डाटा पर आधारित काडास्ट्रल लेवल सोडिक लैण्ड मानचित्रण हेतु एक मेथोडोलौजी का विकास किया है। यू पी बी एस एन एल के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रतापगढ़ और इलाहाबाद जिले में सोडिक लैण्ड मैपिंग का कार्य किया गया।

Geomatics_sodiac
रेडीगढ़पुर गाव, प्रतापगढ़ जिले का काडास्ट्रल लेवल सोडिक लैण्ड मानचित्र

पर्यावरणिक प्रबन्धन आयोजना

- खनन परियोजनाओं के ई एम पी के लिए सेटेलाइट डाटा के आधार पर कोर और बफर जोन में भू- उपयोग/ आच्छादन पैटर्न
- जी आई एस का उपयोग कर जियोस्पासियल पर्यावरणिक प्रबन्धन
- सेटेलाइट आधारित पर्यावरणिक मॉनिटरिंग

gevra_06
गेवरा खुली खदान के कोर एवं बफर जोन में भू- उपयोग पैटर्न

टी पी एस, वाशरी एवं अलाइनमेंट के लिए स्थल चयन

अथॅारिटी, भारत सरकार के लिए भारत में जियोस्पासियल प्रौद्योगिकी का उपयोग कर संभावित टी पी एस साइट्स न्यूमेरो यूनो का पता लगाने के लिए मेथोडोलाजी की स्थापना की है।

Geomatics_SiteSelection


वर्तमान में जारी परियोजनाएं:



सर्वे ऑफ इण्डिया के सहयोग से सुदूर संवेदन तकनीक पर आधारित 2 मी. कंटूर अन्तराल पर 1:5000 स्केल पर प्रमुख भारतीय कोयला क्षेत्रों का अद्यतित स्थलाकृतिक मानचित्रों की तैयारी।


कोल इण्डिया की सभी खुली खदान खानों का सेटेलाइट सर्वलांस।


कोयला क्षेत्रों का वनाच्छादन मानचित्रण।


सेटेलाइट आकड़ा आधार पर जीबीपी सागर में सिल्टेशन अध्ययन।


एस्टेर (एएसटीईआर) सेटेलाइट आकड़ा पर आधारित झरिया, रानीगंज, बोकारो और कर्णपुरा कोयला क्षेत्रों में कोयला खान अग्नि का मानीटरिंग और खान अग्नि सूचना प्रणाली (एम एफ आई एस) का विकास।


सेन्ट्रल इलेक्ट्रीसिटी आथॅरिटी के लिए सुदूर सेवदन और जी आई एस पर आधारित पंजाब और कर्नाटका के तटीय क्षेत्र, उत्तर प्रदेश राज्य में ताप विद्युत संयंत्र के लिए स्थल चयन।


कोल इण्डिया लि. की सहायक कम्पनियों के 50 खुली खदान खानों में ओ बी आर की माप।


डी जी पी एस सर्वेक्षण।

पूरी की गई प्रमुख परियोजनाएं:


हाल ही में जियोमेटिक्स डिवीजन द्वारा संपादित की गई कुछ प्रमुख परियोजनाओं की सूची निम्नलिखित हैः-

सर्वेक्षण:

 

  • ईटीएस का प्रयोग कर 0.30 मी. कंटूर इंटरवल सहित 1:500 स्केल पर आई एस एम धनबाद कैम्पस का स्थलाकृति सर्वेक्षण।.
  • आदित्य बिड़ला ग्रुप के लिए ई टी एस और लेजर स्कैनर का उपयोग कर 1 मी. कंटूर इंटरवल सहित 1:2000 स्केल पर अल्ट्राटेक सीमेंट, पाली, राजस्थान में पट्टे वाले क्षेत्र का स्थलाकृति सर्वेक्षण।
  • भारत कोकिंग कोल लि. की भूमिगत खानों में सह-सम्बद्ध सर्वेक्षण।
  • ईस्टर्न कोलफील्डस लि. के लिए जी पी एस का प्रयोग कर राजमहल कोयला क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रिड के साथ कंट्रोल प्वाईंट की स्थापना।
  • जाइरोमेट- 3000 का प्रयोग कर मझगांव डाक लि. (एम एल डी) के नेवल शीप में सेन्टर लाइन अलाइनमेंट।
  • कोल इण्डिया की विभिन्न अनुषंगी कम्पनियों की 50 खुली खदान खानों में ओ बी आर माप।

 

सुदूर संवेदन ::

 

परियोजना की कोटि (श्रेणी)

परियोजना का नाम

ग्राहक

भूमि पुनरूद्धार मानीटरिंग

कोल इण्डिया की खुली खदान खानों की भूमि पुनरूद्धार मॉनिटरिंग

कोल इण्डिया लि.

वनाच्छादन मानचित्रण

तीन साल के नियमित अन्तराल पर 19 प्रमुख कोयला क्षेत्रों का वनाच्छादन मानचित्रण

कोल इण्डिया लि.

कोयला खान अग्नि मानचित्रण   

 झरिया कोयला क्षेत्र - सी ई 23 में सुदूर संवेदन प्रौद्योगिकी का उपयोग कर खान अग्नि का तापीय अध्ययन के लिए मेथेडालॉजी का विकास    

कोयला मंत्रालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारत सरकार

झरिया कोयला क्षेत्र के हिस्सों के उपर कोयला खान अग्नि के मानचित्रण के लिए वायुवाहित टी आई आर मेथेडालॉजी का वेलिडेशन (वैधता)

कोयला मंत्रालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारत सरकार

तटीय क्षेत्र प्रबन्धन अध्ययन    

मानचित्रण का उपयोग कर तटीय (भूमि के लिए वायुवाहित सुदूर संवेदनः काल्नगुट- कैन्डोलिम बीच, गोवा

गेवा सागर

पर्यावरणिक आकड़ा आधार का सृजन

कर्णपुरा कोयला क्षेत्र का जियो -इन्वायरनमेन्टल अध्ययन

सी सी एल, रांची  

मेहिर सब - बेसिन, सिंगरौली कोयला क्षेत्र का पर्यावरणिक आकड़ा आधार के सृजन के लिए व्यापक सुदूर संवेदन अध्ययन

एन सी एल, सिंगरौली

सुदूर संवेदन के द्वारा कोरबा कोयला क्षेत्र का पर्यावरणिक आकड़ा आधार के सृजन के लिए थिमैटिक मानचित्रण

एस ई सी एल, बिलासपुर

रिमोट सेंसिंग के जरिए मकचुचुमा काटेवा का कोयला क्षेत्र का भू -उपयोग/आच्छादन मानचित्रण

एन डी सी तंजानिया

साउथ कर्णपुरा कोयला क्षेत्र का डाटा बेस ( अंकीय आकड़ा ) आधार का सृजन

सी सी एल, रांची

थिमेटिक मानचित्रण

बोकारो कोयला क्षेत्र का थिमैटिक मानचित्रण

सी सी एल, रांची

वायु वाहित स्कैनर डाटा का प्रयोग कर मोहेर सब-बेसिन, सिंगरौली कोयला क्षेत्र का हाई-रिजोल्यूशन थिमैटिक मानचित्रण     

एन सी एल, सिंगरौली

थिमेटिक मानचित्रण

मगध, आम्रपाली, नार्थ उरीमारी, कावेरी, कोनार, कारो-1 और ईस्ट बोकारो, नार्थ कर्णपुरा की बेरमो खनन परियोजनाएं और साउथ कर्णपुरा कोयला क्षेत्रों के बफर जोन के 10 कि. मी. की परिधि का सुदूर संवेदन के जरिए थिमेटिक मानचित्रण     

सी सी एल, रांची

वर्ष 1992 एवं 2002 के सेटेलाइट ऑकडा पर आधारित रानीगंज कोयला क्षेत्र का थिमेटिक मानचित्रण

ई सी एल संकतोरिया

वर्ष 1992 एवं 2002 के सेटेलाइट आकड़ा पर आधारित वर्धा घाटी कोयला क्षेत्र का थिमेटिक मानचित्रण

डब्लू सी एल, नागपुर

वनाच्छादन मानचित्रण

तालचर एवं ईब घाटी कोयला क्षेत्र के लिए वर्ष 2002 के लिए सेटेलाइट डाटा पर आधारित वनाच्छादन मानचित्रण

एम सी एल सम्बलपुर

भू- पर्यावरणिक अध्ययन

राजस्थान के उदयपुर और चितौड़ जिले का जियोस्पासियल पर्यावरिणक प्रबन्धन आयोजना    

सी पी सी बी

भूवैज्ञानिक अनुप्रयोग

गिरीडीह कोयला क्षेत्र के आस पास सेडिमेन्टरी बेसिन का पता लगाने के लिए सुदूर संवेदन

सी सी एल, रांची

सुदूर संवेदन आकड़ा का उपयोग कर तालचर कोयला क्षेत्र का भू-संरचनात्मक मानचित्रण

क्षे.सं.- 7 सी एम पी डी आई

छिंदीपाड़ा, अलकनंदा और मंदाकिनी खनिखण्डों, तालचर कोयला क्षेत्र का भू-संरचनात्मक मानचित्रण    

क्षे.सं.- 7 सी एम पी डी आई

सेटेलाइट आकड़ा पर आधारित मांडू ब्लाक, वेस्ट बोकारो कोयला क्षेत्र का संरचनात्मक विश्लेषण

क्षे.सं.- 7 सी एम पी डी आई

बदामगढ़ पहाड़, उड़ीसा का जियो-स्ट्रक्चरल मैपिंग

एल एण्ड टी

सुदूर संवेदन के जरिए मकचुमा काटेवाका कोयला क्षेत्र का जियो-स्ट्रक्चरल मैपिंग     

एन डी सी तंजानिया

मीनाक्षी ब्लाक, ईब घाटी कोयला क्षेत्र का जियो-स्ट्रक्चरल मैपिंग     

क्षे.सं-7 सी एम पी डी आई

कोयला स्रोत की पहचान

23000 मेगावाट अतिरिक्त पिट हेड थर्मल पावर जेनरेशन के लिए सम्भावित कोयला ब्लाकों की पहचान करना

सी ई ए, नई दिल्ली

जियो-मार्फिलोजिकल एण्ड जियो-स्ट्रक्चरल मैपिंग

एन कर्णपुरा, एस कर्णपुरा, सोनहट, पेंच कान्हान, वर्धा वैली, मनार गुडी एवं नेवेली सी बी एम ब्लाकों का जियो-मार्फिलोजिकल एण्ड जियो-स्ट्रक्चरल मैपिंग

डी जी एच भारत सरकार

जियोस्पासियल ई एम पी

राजस्थान के अलवर जिले और हरियाणा का गुड़गाव जिले में अरावली हिल क्षेत्र में पर्यावरणिक समस्याओं का अध्ययन तथा पर्यावरणिक गुणवता को बहाल रखने के लिए कार्य योजना की तैयारी

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नई दिल्ली

कोरबा क्षेत्र में समेकित स्पासियल पर्यावरणिक प्रबन्धन आयोजना

एम पी पी सी बी, भोपाल

सतना लाइम स्टोन बेल्ट का समेकित स्पासियल पर्यावरणिक प्रबन्धन आयोजना

एम पी पी सी बी, भोपाल

जियो-स्ट्रक्चरल मैपिंग

हाई रिजोल्यूशन सेटेलाइट आकड़ा पर आधारित केमिंग, आसाम में टनेल अलाइनमेन्ट के लिए जियो-स्ट्रक्चरल मानचित्रण

निपको, आसाम

झरिया एवं रानीगंज कोयला क्षेत्र का जियो स्ट्रक्चरल मानचित्रण

कोल इण्डिया अनु. एवं वि.

माकुम कोयला क्षेत्र के हिस्से का जियो स्ट्रक्चरल मानचित्रण

एम ओ सी एन, भारत सरकार

सेटेलाइट आकड़ा पर आधारित दार्जिलिंग शहर में और उसके आस पास हाईड्रो जियो मार्फिक मानचित्रण

पश्चिम बंगाल सरकार

इमेज विश्लेषण

पेट्रोग्राफिक इमेज विश्लेषण वि. एवं प्रो. परियोजना

एम ओ सी सी एवं टी

लैण्ड डिग्रेडेशन असेसमेन्ट

वर्धा घाटी कोयला क्षेत्र के हिस्से में डिग्रेडेशन असेसमेन्ट

डब्लू सी एल, नागपुर

भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

सेटेलाइट आकड़ा पर आधारित ईस्ट बोकारो कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

सी सी एल, रांची

मैकलुस्कीगंज और पिपरवार के बीच प्रस्तावित रेलवे साइडिंग के चारो ओर भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

सी सी एल, रांची

सुदूर संवेदन के जरिए जमुना-कोटमा क्षेत्र, सोहागपुर कोयला क्षेत्र भू-उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एस ई सी एल, बिलासपुर

वर्ष 1986, 1992 तथा 1998 के सेटेलाइट डाटा पर आधारित तालचर कोयला क्षेत्र का भू-उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एम सी एल, सम्बलपुर

वर्ष 1998 के आई आर एस-आई सी/पैन और आकड़ा पर आधारित कोरबा कोयला क्षेत्र का 1:10000 स्केल पर भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एस ई सी एल, बिलासपुर

सुदूर संवेदन आकड़े पर आधारित ईस्ट बोकारो कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

सी सी एल, रांची

वर्ष 1989, 1994 तथा 1999 के सेटेलाइट डाटा पर आधारित ईब घाटी कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एम सी एल, सम्बलपुर

वर्ष 1988, तथा 1998 के सेटेलाइट डाटा पर आधारित मांद रायगढ़ कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एस ई सी एल, बिलासपुर

ओरिएन्ट ग्रुप ऑफ  माइन्स के बफर जोन का भू- उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

क्षे.सं- 7 सी एम पी डी आई

एस ई सी एल के निम्नलिखित- 7 कोयला क्षेत्रों का भू-उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण
बिश्रामपुर
लखनपुर
अमाडांड
सोहागपुर
कोरबा
नकिया
टाटापानी- रामकोला

एस ई सी एल, बिलासपुर

नटराज भूमिगत परियोजना के 10 कि. मी. परिधि का बफर जोन का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एम सी एल, सम्बलपुर

भोतांग और दिकचू कापर खान, सिक्किम के 10 कि. मी. परिधि के बफर जोन का भू-उपयोग/ आच्छादन मानचित्र की तैयारी     

आई बी एम, नागपुर

 

उमरांगशो लाइम स्टोन माइन, असम के बफर जोन का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

आई बी एम, नागपुर

राजमहल एवं चुपरभीता ओसीपी के बफर जोन का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

ई सी एल संक्तोरिया

हीराबुद्दीन गोल्ड माइन, कर्नाटक के बफर जोन का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

      आई बी एम, नागपुर

टिस्को माइन, वेस्ट बोकारो कोयला क्षेत्र के बफर जोन का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

टिस्को

हाई रिजोल्यूशन सेटेलाइट डाटा पर आधारित भुवनेश्वरी ओ सी पी के लीज होल्ड एरिया का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एम सी एल, सम्बलपुर

धोखासा, कोलागांव, दुर्गापुर, पदमपुर, लालपेठ खुली खदान परियोजनाओं का लार्ज स्केल भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

डब्लू सी एल, नागपुर

सेनेपुर बाजारी एवं नकराकंडा खुली खदान परियोजना का बफर जोन का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

ई सी एल, संकतोरिया

आर ई एम पी के लिए 2001 के सेटेलाइट डाटा पर आधारित सिंगरौली कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एन सी एल, सिंगरौली

रजरप्पा ओ सी पी- 2, तरमी ओ सी पी और गोविंदपुर ओ सी पी के 10 कि.मी. परिधि के बफर जोन का भू-उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

सी सी एल, रांची

राजमहल परियोजना के 10 कि.मी. परिधि के बफर जोन का भू-उपयोग/ आच्छादन- ड्रेनेज मानचित्रण    

ई सी एल संकतोरिया

भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण/ हाईड्रोजियोमार्फिक मानचित्रण

रिमोट सेंसिंग के जरिए पुरनाडीह ब्लाक नार्थ कर्णपुरा कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन एवं हाईड्रोजियोमार्फिक मानचित्रण

सी सी एल, रांची

सुदूर संवेदन के जरिए मनातू, कोयाद और किशनपुर ब्लाक, नार्थ कर्णपुरा कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन एवं हाईड्रोजियोमार्फिक मानचित्रण

सी सी एल, रांची

सुदूर संवेदन के जरिए अशोक, पिपरवार और मंगरदहा ब्लाक, नार्थ कर्णपुरा कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन एवं हाईड्रोजियोमार्फिक मानचित्रण

सी सी एल, रांची

लैण्ड यूज पैटर्न की मानीटरिंग   

वर्ष 1990 एवं 2002 के सेटेलाइट आकड़ा के आधार पर पिपरवार और अशोक ओ सी पी परियोजनाओं में भू उपयोग पैटर्न पर खुली खदान कोयले का खनन के प्रभाव की मानीटरिंग

सी सी एल, रांची

रूट अलाइमेंट

बरौद - बिजरी ब्लाक, मांद रायगढ़ कोयला क्षेत्र तक रेलवे साइडिंग के विस्तार के लिए रेलवे रूट अलायमेंट   

एस ई सी एल, बिलासपुर

जलाशय सिलटशेन  अध्ययन    

वर्ष 1998 के सेटेलाइट डाटा पर आधारित जी बी पी सागर में सिलटेशन अध्ययन तथा सिंगरौली कोयला क्षेत्र का भू उपयोग/ आच्छादन मानचित्रण

एन सी एल सिंगरौली

टी पी एस की साइटिंग

दिल्ली के विसिनिटी में टी पी एस आधारित गैस तथा 8 कोयला क्षेत्रों में टी पी एस आधारित पीट हेड कोयला हेतु स्थल चयन

सी ई ए नई दिल्ली

सोडिक लैण्ड मैपिंग

यू पी के पर्वतगढ़ जिले में  रेदीगढ़पुर, गोविन्दपुर और नवादा का काडास्ट्रल लेवल सोडिक लैण्ड मानचित्रण

यू पी बी एस एन एल, लखनऊ

इलाहाबाद जिला, यू पी का सोडिक लैण्ड मानचित्रण

आर सैक यू पी लखनऊ